वाल्मीकि मुनि रामायण लिखते हुए, चारों वेद, ब्रह्मा, देवता, भगवान शिव और माता पार्वती के साथ रामचरितमानस बालकाण्ड की वंदना दर्शाता अद्भुत चित्र

रामचरितमानस बालकाण्ड की अद्भुत वंदना

रामचरितमानस बालकाण्ड की अद्भुत वंदना रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास जी बालकाण्ड प्रारम्भ करते ही वंदना पदावली में पंचवंदना करते हैं। इन पंचवंदना पदों में तुलसीदासजी ने श्रीगणेश, सरस्वती, गुरु, भगवान शिव और श्रीराम — इन पाँच दिव्य रूपों की वंदना की है। इस महान ग्रन्थ को पूरा करने के उद्देश्य से तुलसीदास जी केवल […]

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राम नाम सबसे बड़ा-राम नाम की महिमा दर्शाता हुआ रामचरितमानस बालकाण्ड का thumbnail जिसमें शिवजी, तुलसीदासजी और श्रीराम-हनुमान की दिव्य छवि दिखाई गई है

राम नाम क्यों है सबसे बड़ा? जानिए रामचरितमानस का गूढ़ रहस्य

  📚 Categories पद्मपुराण रामायण और रामचरित मानस श्रीकृष्ण कथा पौराणिक कथा विष्णु सहस्रनाम  

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नारी शक्ति आद्य शक्ति प्रकृति: आदिशक्ति देवी सिंह पर विराजमान हैं, दोनों ओर माता सीता, द्रौपदी, लक्ष्मी और सरस्वती दिव्य स्वरूप में दर्शाई गई हैं।

नारी शक्ति आद्य शक्ति प्रकृति

नारी शक्ति आद्य शक्ति प्रकृति पौराणिक कथाएं जय श्री हरी🙏 समय की गहराइयों से एक स्वर उठता है। एक ऐसा स्वर, जो कभी इतिहास बना, कभी वेदों में गूंजा, और कभी सभ्यताओं के उत्थान और पतन का कारण बना। यह स्वर है नारी शक्ति आद्य शक्ति प्रकृति की अतीत की आवाज। अतीत कहता है —”मैं

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सहस्त्रार्जुन अपनी हजार भुजाओं से नर्मदा नदी की धारा रोकते हुए, और दूसरी ओर नर्मदा तट पर सहस्त्रार्जुन, लंकाधिपति रावण तथा भगवान परशुराम आमने-सामने खड़े हुए पौराणिक दृश्य।

सहस्त्रार्जुन बनाम रावण और परशुराम

पद्ममहापुराण — सृष्टिखण्ड, अध्याय 12 चंद्र वंश की उत्पत्ति: सहस्त्रार्जुन बनाम रावण और परशुराम जय श्री हरी🙏 हैहय वंश में जन्मे उस महान धर्मात्मा राजा जिसने रावण को हराया, और अंत में परशुराम के हाथों वीरगति को प्राप्त हुआ। पुराणों में उल्लेख है कि उन महान धर्मात्मा राजा के नाम जपने से धन संपत्ति और

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अत्रि ऋषि + दिशाएं से चन्द्रमा का जन्म हुआ

पुरूरवा और उर्वशी की अमर प्रेमकथा

पद्ममहापुराण — सृष्टिखण्ड, अध्याय 12 चंद्र वंश की उत्पत्ति: पुरूरवा और उर्वशी की अमर प्रेमकथा जय श्री हरी🙏 पुराणों में वर्णित कुछ कथाएँ केवल इतिहास नहीं होतीं, वे मानव जीवन के गहरे भावों, प्रेम, विरह, मर्यादा और कर्म का दर्पण होती हैं। बुध के जन्म और ग्रह के रूप में स्थापित होने के बाद बुध

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बुध का जन्म: देवी तारा के गोद में नन्हा दिव्य बालक

बुध का जन्म

पद्ममहापुराण — सृष्टिखण्ड, अध्याय 12 चंद्र वंश की उत्पत्ति: बुध का जन्म और ग्रहत्व जय श्री हरी🙏 पौराणिक कथाओं में कुछ प्रसंग छोटे होते हुए भी अत्यंत गूढ़ और दर्शनपूर्ण होते हैं। चन्द्रमा–तारा विवाद के पश्चात उत्पन्न यह कथा उसी श्रेणी की है। ब्रह्माजी के द्वारा समझाने पर चन्द्रमा ने युद्ध रोक दिया और देवगुरु

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चन्द्रमा–तारा विवाद: चन्द्रमारूपी युवक अपनी प्रेमिका तारा के साथ खड़ा है और उनके सामने देवगुरु बृहस्पति

 चन्द्रमा–तारा विवाद

पद्ममहापुराण — सृष्टिखण्ड, अध्याय 12 चंद्र वंश की उत्पत्ति: चन्द्रमा–तारा विवाद : 5 अद्भुत और चौंकाने वाले रहस्य जिन्होंने हिला दी सृष्टि जय श्री हरी🙏 चन्द्रमा–तारा विवाद – जिसके कारन देवासुर संग्राम हुआ। अवैध प्रेम से उत्पन्न ब्रह्माण्ड की प्रलयकारी अद्भुत घटना। इस घटना ने एक ग्रह को जन्म दिया जिसे बुध ग्रह कहा गया

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ब्रह्माण्डीय दृश्य में अत्रि ऋषि के नेत्रों से आँसू बहते हुए, चारों ओर दिव्य स्त्रियाँ उपस्थित हैं, और दूसरी ओर ब्रह्मा जी अपनी गोद में बाल रूप चन्द्रमा को वात्सल्य भाव से धारण किए हुए हैं, साथ में भगवान विष्णु, शिव और अन्य देवता खड़े हैं।

सोम (चन्द्रमा) की उत्पत्ति और महिमा

पद्ममहापुराण — सृष्टिखण्ड, अध्याय 12 चन्द्रमा की उत्पत्ति और महिमा जय श्री हरी🙏 यह घटना महाभारत के पहले की है क्योंकि महाभारत की पृष्ठभूमि हजारों वर्ष पहले तय हो चूका था। कुरु वंश के पहले पुरु वंश और पुरु वंश के पहले चंद्र वंश। तो पहले हम चंद्र वंश से शुरू करते हैं। सनातन धर्म

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तुलसी त्रिरात्र व्रत

तुलसी त्रिरात्र व्रत – कार्तिक शुक्ल नवमी से एकादशी तक

तुलसी त्रिरात्र व्रत: अद्भुत लाभ और चमत्कारी महत्व पद्मपुराण उत्तरखंड अध्याय 26: जय श्री हरी🙏 सनातन धर्म में तुलसी को केवल एक पवित्र वनस्पति ही नहीं, बल्कि स्वयं श्रीहरि की प्रिय और साक्षात् देवीस्वरूपा माना गया है। “तुलसी त्रिरात्र व्रत” का शाब्दिक अर्थ है “तुलसी देवी को समर्पित तीन रातों तक किया जाने वाला पवित्र

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