भगवान के गुणावतार का दिव्य चित्र, जिसमें ब्रह्माजी रजोगुण द्वारा सृष्टि की रचना, भगवान विष्णु सत्त्वगुण द्वारा जगत का पालन और भगवान शिव तमोगुण द्वारा संहार करते हुए दर्शाए गए हैं। पृष्ठभूमि में ब्रह्माण्डीय दिव्यता और तीनों गुणों का प्रतीकात्मक चित्रण है।

भगवान के गुणावतार

भगवान के गुणावतार भगवान के अवतार की कथा जय श्री हरी🙏 पुरुषावतार के माध्यम से भगवान प्रत्येक ब्रह्माण्ड में प्रवेश कर सृष्टि-व्यवस्था की स्थापना करते हैं। इसके पश्चात सृष्टि के विस्तार, पालन और संहार के लिए प्रकृति के तीन गुण—सत्त्व, रज और तम—की आवश्यकता होती है। इन तीनों गुणों के संचालन हेतु भगवान अपने गुणावतारों […]

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भगवान के प्रथम अवतार की कथा - सनक, सनन्दन, सनातन और सनत्कुमार के बारे में विशेष तथ्य क्या है ?

भगवान के प्रथम अवतार की कथा

भगवान के प्रथम अवतार की कथा सनक, सनन्दन, सनातन और सनत्कुमार जय श्री हरी🙏 भगवान् के अवतारों की कथा श्रृंखला में आपका स्वागत है। सृष्टि का प्रारम्भ हुआ ही था। चारों ओर केवल नवसृजित ब्रह्माण्ड था। भगवान् विष्णु की नाभि से प्रकट हुए कमल पर ब्रह्माजी विराजमान थे। परमपिता ब्रह्मा को भगवान् ने सृष्टि की

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