"रामायण और महाभारत: काल्पनिक या ऐतिहासिक सत्य? भगवान राम, कृष्ण, महाभारत युद्ध और रामसेतु की डिजिटल कलात्मक छवि, शास्त्र, विज्ञान और पुरातत्व प्रमाणों के साथ।"

क्या रामायण और महाभारत काल्पनिक हैं या ऐतिहासिक सत्य?

    क्या रामायण और महाभारत काल्पनिक हैं या ऐतिहासिक सत्य? रामायण और महाभारत — भारत की प्राचीन और महान गाथाएँ। यहाँ वेद, पुराण, इतिहास और आधुनिक विज्ञान के दृष्टिकोण से इन ग्रंथों की सत्यता पर विचार प्रस्तुत किया गया है। “रामायण और महाभारत… भारत की सबसे प्राचीन और महान गाथाएँ।कुछ लोग कहते हैं – […]

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हरि हृदय में तब बसते हैं जब भक्ति से गाएं भक्तों के गुण-भक्तमाल की पावन कथा भाग 1 में भगवान विष्णु एक भक्त को गोद में लिए हुए, साथ में संत मीरा, कबीर और अन्य भक्तों की दिव्य छवि

हरि हृदय में तब बसते हैं जब भक्ति से गाएं भक्तों के गुण

      भक्तमाल की पावन कथा – भाग 1 हरि हृदय में तब बसते हैं जब भक्ति से गाएं भक्तों के गुण 🎙️ “जब संसार की अशांति, जीवन की थकान, और आत्मा की पीड़ा बढ़ जाए,तब संतों के चरित्र, भक्तों के गुण,एक मधुर संजीवनी बनकर हमारे अंतर्मन को शुद्ध करते हैं…आज हम चलेंगे एक

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भगवान विष्णु के साथ उनके पार्षदगण और हरिवल्लभ भक्तों की दिव्य सभा, स्वर्णिम आभा में भक्तों की माला और भक्ति का अद्भुत दृश्य

भगवान के पार्षदगण और हरिवल्लभ भक्तों की माला

      🙏 भक्तमाल: भक्तों की अमरगाथा “जब जब धर्म की पताका लहराई, तब तब भक्तों ने अपने जीवन को समर्पित कर दिया प्रभु के चरणों में।” “आज हम उस अनुपम ग्रंथ की ओर चलें, जिसने भक्तों की परंपरा को न केवल संजोया, अपितु जनमानस को प्रभुभक्ति की पराकाष्ठा से परिचित भी कराया –

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भक्तमाल कथा में भगवान विष्णु एक भक्त बालिका को गोद में लिए हुए, साथ में संतों और भक्तों की दिव्य सभा तथा स्वर्णिम भक्ति आभा

भक्तमाल कथा – मंगलाचरण और भक्तगुण वर्णन

      भक्तमाल कथा जय श्री हरि…आज हम सुनेंगे उस ग्रंथ की कथा… जो केवल भक्तों का चरित्र नहीं, अपितु हृदय में भगवद्भक्ति की ज्वाला प्रज्वलित करनेवाली अमृतधारा है।यह है — भक्तमाल… श्रीनाभादास जी द्वारा रचित वह अनुपम भक्तिसंग्रह, जिसमें भक्तों की वाणी, तप, त्याग और प्रेम की झलक मिलती है।आइए, आरम्भ करें… इस

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पद्म पुराण उत्तरखण्ड अध्याय 4 भाग 5 में जालन्धर और वृन्दा का विवाह, शुक्राचार्य, राहु का रहस्य और असुरों की सेना का दिव्य चित्रण

पद्म पुराण उत्तरखण्ड | अध्याय 4 | भाग-5

      पद्म पुराण उत्तरखण्ड | अध्याय 4 | भाग-5 जालन्धर और वृन्दा का विवाह, राहु का रहस्य और असुरों का अभ्युदय प्रिय पाठकों, हम प्रस्तुत कर रहे हैं पद्ममहापुराण के उत्तरखण्ड के चतुर्थ अध्याय का भाग-5, जिसमें श्लोक 45 से 52 तक की दिव्य कथा समाहित है। यह भाग जालन्धर और वृन्दा के

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पद्मपुराण उत्तरखण्ड अध्याय 4 भाग 4 में जालन्धर और वृन्दा का दिव्य चित्रण, साथ में शुक्राचार्य और श्लोक 36 का संस्कृत शिलालेख

पद्मपुराण उत्तरखण्ड — अध्याय 4 (भाग 4)

      पद्मपुराण उत्तरखण्ड — अध्याय 4 (भाग 4) श्लोक 36–45 सहित हिंदी अर्थ व विस्तृत व्याख्या नमस्कार प्रिय पाठकों,प्रस्तुत है पद्ममहापुराण के षष्ठ खण्ड उत्तरखण्ड के अध्याय 4 के भाग-4 की दिव्य कथा, जिसमें श्लोक 36 से 45 तक जालंधर की गाथा, उसकी राजधानी, उसकी पत्नी वृंदा की उत्पत्ति और शुक्राचार्य के वरदान

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पद्म महापुराण उत्तरखण्ड अध्याय 4 भाग 3 में जालन्धर और वृन्दा का दिव्य चित्रण, स्वर्णिम नगरी, असुर सेना और समुद्र से उदित भव्य दृश्य

पद्म महापुराण उत्तरखण्ड – अध्याय 4, भाग 3

      पद्म महापुराण उत्तरखण्ड – अध्याय 4, भाग 3 श्लोक 26–35 : अर्थ एवं भावपूर्ण व्याख्या सहित ॐ नमो भगवते वासुदेवाय पद्म महापुराण उत्तरखण्ड – अध्याय 4, भाग 3: जब हम पुराणों के पन्नों को खोलते हैं, तो वहाँ केवल कथाएँ नहीं होतीं, बल्कि युगों की चेतना, दिव्यता और जीवन का गूढ़ रहस्य

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पद्म महापुराण उत्तरखण्ड - अध्याय 4, भाग 2; जालंधर की दिव्य नगरी का भव्य दृश्य, जिसमें रत्नों से बने महल, स्वर्ण द्वार, चमकती प्राचीरें और दिव्य प्रकाश से आलोकित आकाश दर्शाया गया है।

पद्म महापुराण उत्तरखण्ड – अध्याय 4, भाग 2

पद्म महापुराण उत्तरखण्ड – अध्याय 4, भाग 2 जालंधर की दिव्य नगरी की रचना ॐ नमो भगवते वासुदेवाय🙏 जब सृष्टि के संतुलन को कोई चुनौती देता है…जब एक शक्ति अपने अस्तित्व से ही त्रिलोक त्रिलोक को चुनौती देती है, तब देवता भी चकित हो जाते हैं और सृष्टि के रचयिता ब्रह्माजी भी मौन हो जाते

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पद्म पुराण उत्तरखंड अध्याय 4 भाग 1 में जालंधर के बाल्यकाल की कथा दर्शाता हुआ दिव्य दृश्य, जिसमें समुद्रपुत्र जालंधर की शक्ति और साहस का चित्रण

पद्म पुराण उत्तरखंड अध्याय 4 भाग 1 श्लोक, अर्थ व व्याख्या

पद्म पुराण उत्तरखंड अध्याय 4 के श्लोक 1-11 | श्लोक, अर्थ व व्याख्या | भाग 1 नमस्कार! स्वागत है आपका पद्म पुराण उत्तरखंड अध्याय 4 भाग 1 में, जहाँ हम आपको प्राचीन भारतीय ग्रंथों की अद्भुत कथाएँ सरल हिंदी में आपके सामने प्रस्तुत कर रहे हैं। आज हम आपके लिए लेकर आए हैं – पद्म

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जालंधर का जन्म और ब्रह्मा का वरदान दर्शाता हुआ पद्म महापुराण उत्तरखंड अध्याय 3 भाग 4 का दिव्य दृश्य, जिसमें समुद्र से प्रकट बालक और ब्रह्मा का आशीर्वाद

पद्म महापुराण उत्तरखण्ड-अध्याय 3 भाग 4

जालंधर का जन्म और ब्रह्मा का वरदान | पद्म महापुराण उत्तरखण्ड-अध्याय 3 भाग 4 हम आपको ले चल रहे हैं एक अद्भुत पुराणिक यात्रा पर – पद्म महापुराण उत्तरखण्ड-अध्याय 3 भाग 4 में। पिछले भाग में आपने देखा — शिव के क्रोध से उत्पन्न हुआ एक भयावह रूप… और देवताओं का गर्व, जिसने एक नये

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