स्वर्णिम मंदिर में सिंहासन पर विराजमान भगवान विष्णु भक्तों को आशीर्वाद देते हुए, पुरुष और महिला भक्त हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हुए – भगवान को प्रिय बनने और भगवत्प्राप्ति की सहज राह

भगवान को प्रिय बनने और भगवत्प्राप्ति की सहज राह

भगवान को प्रिय बनने और भगवत्प्राप्ति की सहज राह श्रीनाभादासजी महाराज, भक्तमाल में भगवद्भक्तों की महिमा का गायन न केवल भक्ति का आधार मानते हैं, बल्कि उसे परम कल्याणकारी साधन के रूप में प्रस्तुत करते हैं। वे भगवान को प्रिय बनने और भगवत्प्राप्ति की सहज राह में यह उद्घोष करते हैं कि— हरिजन को गुन […]

भगवान को प्रिय बनने और भगवत्प्राप्ति की सहज राह Read More »

भक्तमाल: प्राकट्य कथा

भक्तमाल: प्राकट्य कथा

      भक्तमाल: प्राकट्य कथा भक्ति-साहित्य का अनमोल रत्न ‘भक्तमाल ’ केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि भक्तों की भावनाओं की जीवंत अभिव्यक्ति है। यह केवल संतों की महिमा गान नहीं करता, अपितु यह ईश्वर और भक्त के मधुरतम संबंधों की अमर गाथा है। इस ग्रंथ की विशेषता यह है कि यह जितना भक्तों को

भक्तमाल: प्राकट्य कथा Read More »

भक्तमाल धन्ना भगत की अमर गाथाएँ

भक्तमाल भाग 2: कबीर, मीरा, रविदास, धन्ना भगत की अमर गाथाएँ

📚 भक्तमाल भाग 2: कबीर, मीरा, रविदास, धन्ना भगत की अमर गाथाएँ कभी शब्दों से ईश्वर को पुकारा, कभी प्रेम में सब कुछ भुला दिया — यही है संतों की भक्ति। भक्तमाल ग्रंथ केवल दोहों का संग्रह नहीं, बल्कि भक्ति की वो अमर मशाल है जो आज भी प्रकाश दे रही है। कबीर, मीरा, रविदास,

भक्तमाल भाग 2: कबीर, मीरा, रविदास, धन्ना भगत की अमर गाथाएँ Read More »

भक्तमाल ग्रंथ: संतों की अमर गाथा

भक्तमाल ग्रंथ: संतों की अमर गाथा

📚 भक्तमाल ग्रंथ: संतों की अमर गाथा क्या आपने कभी सोचा है कि कबीर , मीरा बाई , तुलसीदास जैसे संतों की अमर गाथा एक ही ग्रंथ में संकलित हो सकती है? भक्तमाल ऐसा ही एक चमत्कारी ग्रंथ है, जो संतों की अमर गाथा का ऐतिहासिक प्रकाशस्तंभ है। संतों की वाणी, भक्ति की गाथा और

भक्तमाल ग्रंथ: संतों की अमर गाथा Read More »

पद्ममहापुराण उत्तरखण्ड अध्याय -2

पद्ममहापुराण उत्तरखण्ड अध्याय -2

📚 पद्ममहापुराण उत्तरखण्ड अध्याय -2 श्रीपद्ममहापुराण, हिंदू धर्म के अठारह महापुराणों में से एक प्रमुख पुराण है, जिसमें धर्म, भक्ति, और कर्म का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया गया है। इसके उत्तरखण्ड का प्रथम अध्याय अत्यंत पवित्र और रहस्यपूर्ण था, जिसमें श्रीमहेश (भगवान शिव) द्वारा नारद जी को भगवत्स्वरूप, तीर्थों की महिमा, और भगवान जगन्नाथ की

पद्ममहापुराण उत्तरखण्ड अध्याय -2 Read More »

पद्म महापुराण – षष्ठ उत्तरखण्ड – अध्याय 1 Part-3

पद्म महापुराण – षष्ठ उत्तरखण्ड – अध्याय 1 Part-3

📜 पद्म महापुराण – षष्ठ उत्तरखण्ड – अध्याय 1 Part-3 📜 पद्म महापुराण का उत्तरखण्ड — धर्म, भक्ति और मोक्ष की गहराइयों में उतरने वाला एक अमूल्य ग्रंथ है। पद्म महापुराण – षष्ठ उत्तरखण्ड – अध्याय 1 Part-3 में श्लोक ४१ से ७० तक के इस खंड में हम पहुँचते हैं अध्यात्म के उन ऊंचाइयों

पद्म महापुराण – षष्ठ उत्तरखण्ड – अध्याय 1 Part-3 Read More »

पद्म महापुराण – षष्ठ उत्तरखण्ड – अध्याय 1 Part-2

पद्म महापुराण – षष्ठ उत्तरखण्ड – अध्याय 1 Part-2

✨पद्म महापुराण – षष्ठ उत्तरखण्ड – अध्याय 1 Part-2 ✨ क्या केवल एक तीर्थ का दर्शन महापापों को मिटा सकता है?क्या एक नाम का उच्चारण हमें जन्मों की ग्रंथियों से मुक्त कर सकता है? पद्म महापुराण का उत्तरखण्ड – विशेष रूप से अध्याय 1 के श्लोक 21 से 40 – हमें इन्हीं दिव्य प्रश्नों का

पद्म महापुराण – षष्ठ उत्तरखण्ड – अध्याय 1 Part-2 Read More »

विष्णु सहस्रनाम श्लोक 2

विष्णु सहस्रनाम श्लोक 2 – सरल हिंदी अर्थ और व्याख्या

विष्णु सहस्रनाम श्लोक 2 – सरल हिंदी अर्थ और व्याख्या श्लोक 2 पूतात्मा परमात्मा च मुक्तानां परमा गतिः।अव्ययः पुरुषः साक्षी क्षेत्रज्ञोऽक्षर एव च॥ विष्णु सहस्रनाम श्लोक 2 में भगवान विष्णु के कुल 8 नाम है जिसका हिंदी अर्थ और व्याख्या इस प्रकार है – 1️⃣ पूतात्मा – शुद्ध आत्मा, जो मलिनताओं से रहित है। विष्णु

विष्णु सहस्रनाम श्लोक 2 – सरल हिंदी अर्थ और व्याख्या Read More »

विष्णु सहस्रनाम श्लोक 1

विष्णु सहस्रनाम श्लोक 1 – सरल हिंदी अर्थ और व्याख्या

विष्णु सहस्रनाम श्लोक 1 में कुल 9 शब्द शब्द अर्थात नाम है। विष्णु सहस्रनाम श्लोक 1 का सरल हिंदी अर्थ और व्याख्या प्रस्तुत है – श्लोक 1 ॐ विश्वं विष्णुः वषट्कारो भूतभव्यभवत्प्रभुः।भूतकृद्भूतभृद्भावो भूतात्मा भूतभावनः॥ 🔸 शब्दार्थ 1.विश्वं – सम्पूर्ण सृष्टि –  भगवान स्वयं ही यह सम्पूर्ण विश्व हैं। यह नाम बताता है कि जो कुछ

विष्णु सहस्रनाम श्लोक 1 – सरल हिंदी अर्थ और व्याख्या Read More »

पद्म महापुराण - षष्ठ उत्तरखण्ड - अध्याय 1 Part-1

पद्म महापुराण – षष्ठ उत्तरखण्ड – अध्याय 1 Part-1

मंगलाचरण: 🔱 पद्म महापुराण – षष्ठ उत्तरखण्ड – अध्याय 1 Part-1 🔱 “जब जीवन के अंधकार में भक्ति की एक किरण चमकती है, तब शास्त्रों का प्रकाश आत्मा को दिशा देता है।आज हम प्रवेश कर रहे हैं पद्म महापुराण के षष्ठ उत्तरखण्ड के प्रथम अध्याय में — जहाँ नारद और शिव का संवाद हमें भगवद्भक्ति

पद्म महापुराण – षष्ठ उत्तरखण्ड – अध्याय 1 Part-1 Read More »