पद्म पुराण उत्तरखण्ड अध्याय 4 भाग 5 में जालन्धर और वृन्दा का विवाह, शुक्राचार्य, राहु का रहस्य और असुरों की सेना का दिव्य चित्रण

पद्म पुराण उत्तरखण्ड | अध्याय 4 | भाग-5

      पद्म पुराण उत्तरखण्ड | अध्याय 4 | भाग-5 जालन्धर और वृन्दा का विवाह, राहु का रहस्य और असुरों का अभ्युदय प्रिय पाठकों, हम प्रस्तुत कर रहे हैं पद्ममहापुराण के उत्तरखण्ड के चतुर्थ अध्याय का भाग-5, जिसमें श्लोक 45 से 52 तक की दिव्य कथा समाहित है। यह भाग जालन्धर और वृन्दा के […]

पद्म पुराण उत्तरखण्ड | अध्याय 4 | भाग-5 Read More »

पद्मपुराण उत्तरखण्ड अध्याय 4 भाग 4 में जालन्धर और वृन्दा का दिव्य चित्रण, साथ में शुक्राचार्य और श्लोक 36 का संस्कृत शिलालेख

पद्मपुराण उत्तरखण्ड — अध्याय 4 (भाग 4)

      पद्मपुराण उत्तरखण्ड — अध्याय 4 (भाग 4) श्लोक 36–45 सहित हिंदी अर्थ व विस्तृत व्याख्या नमस्कार प्रिय पाठकों,प्रस्तुत है पद्ममहापुराण के षष्ठ खण्ड उत्तरखण्ड के अध्याय 4 के भाग-4 की दिव्य कथा, जिसमें श्लोक 36 से 45 तक जालंधर की गाथा, उसकी राजधानी, उसकी पत्नी वृंदा की उत्पत्ति और शुक्राचार्य के वरदान

पद्मपुराण उत्तरखण्ड — अध्याय 4 (भाग 4) Read More »

पद्म महापुराण उत्तरखण्ड अध्याय 4 भाग 3 में जालन्धर और वृन्दा का दिव्य चित्रण, स्वर्णिम नगरी, असुर सेना और समुद्र से उदित भव्य दृश्य

पद्म महापुराण उत्तरखण्ड – अध्याय 4, भाग 3

      पद्म महापुराण उत्तरखण्ड – अध्याय 4, भाग 3 श्लोक 26–35 : अर्थ एवं भावपूर्ण व्याख्या सहित ॐ नमो भगवते वासुदेवाय पद्म महापुराण उत्तरखण्ड – अध्याय 4, भाग 3: जब हम पुराणों के पन्नों को खोलते हैं, तो वहाँ केवल कथाएँ नहीं होतीं, बल्कि युगों की चेतना, दिव्यता और जीवन का गूढ़ रहस्य

पद्म महापुराण उत्तरखण्ड – अध्याय 4, भाग 3 Read More »

पद्म महापुराण उत्तरखण्ड - अध्याय 4, भाग 2; जालंधर की दिव्य नगरी का भव्य दृश्य, जिसमें रत्नों से बने महल, स्वर्ण द्वार, चमकती प्राचीरें और दिव्य प्रकाश से आलोकित आकाश दर्शाया गया है।

पद्म महापुराण उत्तरखण्ड – अध्याय 4, भाग 2

पद्म महापुराण उत्तरखण्ड – अध्याय 4, भाग 2 जालंधर की दिव्य नगरी की रचना ॐ नमो भगवते वासुदेवाय🙏 जब सृष्टि के संतुलन को कोई चुनौती देता है…जब एक शक्ति अपने अस्तित्व से ही त्रिलोक त्रिलोक को चुनौती देती है, तब देवता भी चकित हो जाते हैं और सृष्टि के रचयिता ब्रह्माजी भी मौन हो जाते

पद्म महापुराण उत्तरखण्ड – अध्याय 4, भाग 2 Read More »

पद्म पुराण उत्तरखंड अध्याय 4 भाग 1 में जालंधर के बाल्यकाल की कथा दर्शाता हुआ दिव्य दृश्य, जिसमें समुद्रपुत्र जालंधर की शक्ति और साहस का चित्रण

पद्म पुराण उत्तरखंड अध्याय 4 भाग 1 श्लोक, अर्थ व व्याख्या

पद्म पुराण उत्तरखंड अध्याय 4 के श्लोक 1-11 | श्लोक, अर्थ व व्याख्या | भाग 1 नमस्कार! स्वागत है आपका पद्म पुराण उत्तरखंड अध्याय 4 भाग 1 में, जहाँ हम आपको प्राचीन भारतीय ग्रंथों की अद्भुत कथाएँ सरल हिंदी में आपके सामने प्रस्तुत कर रहे हैं। आज हम आपके लिए लेकर आए हैं – पद्म

पद्म पुराण उत्तरखंड अध्याय 4 भाग 1 श्लोक, अर्थ व व्याख्या Read More »

जालंधर का जन्म और ब्रह्मा का वरदान दर्शाता हुआ पद्म महापुराण उत्तरखंड अध्याय 3 भाग 4 का दिव्य दृश्य, जिसमें समुद्र से प्रकट बालक और ब्रह्मा का आशीर्वाद

पद्म महापुराण उत्तरखण्ड-अध्याय 3 भाग 4

जालंधर का जन्म और ब्रह्मा का वरदान | पद्म महापुराण उत्तरखण्ड-अध्याय 3 भाग 4 हम आपको ले चल रहे हैं एक अद्भुत पुराणिक यात्रा पर – पद्म महापुराण उत्तरखण्ड-अध्याय 3 भाग 4 में। पिछले भाग में आपने देखा — शिव के क्रोध से उत्पन्न हुआ एक भयावह रूप… और देवताओं का गर्व, जिसने एक नये

पद्म महापुराण उत्तरखण्ड-अध्याय 3 भाग 4 Read More »

भगवान शिव के सामने इन्द्र का नृत्य, क्रोध से उत्पन्न दिव्य शक्ति और जालंधर के जन्म की रहस्यमयी कथा का चित्रण

जालंधर की अहंकारपूर्ण चुनौती और भगवान शिव का क्रोध

जालंधर की अहंकारपूर्ण चुनौती और भगवान शिव का क्रोध | Padma Purana Uttar Khand Adhyay 3 Part 3 पिछले भाग में आपने पढ़ा — इन्द्र, अप्सराएं, गंधर्व और समस्त देवगण अपने विमानों में बैठकर कैलाश पर्वत पर पहुंचे। अपूर्व सुगंधों से महकता वह पर्वत, जैसे पृथ्वी पर स्वर्ग उतर आया हो। अब देवताओं ने शिव

जालंधर की अहंकारपूर्ण चुनौती और भगवान शिव का क्रोध Read More »

जालंधर की उत्पत्ति Part 2 | स्वर्ग के देवता कैलाश पहुँचे - कैलाश पर्वत की ओर जाते स्वर्ग के देवता, इन्द्र ऐरावत पर सवार, अप्सराएँ और गंधर्वों के साथ दिव्य यात्रा का दृश्य

जालंधर की उत्पत्ति Part 2 | स्वर्ग के देवता कैलाश पहुँचे

जालंधर की उत्पत्ति Part 2 | स्वर्ग के देवता कैलाश पहुँचे  “जिस क्षण ब्रह्मा के तेज से उत्पन्न हुआ एक अद्भुत बालक, और शिव जी ने उसे वरदान दिया महा बलशाली बनने का, वही क्षण था रचने वाला इतिहास की एक अनसुनी कथा। आपने पिछले भाग में जाना कि किस प्रकार देवताओं ने देखा उस

जालंधर की उत्पत्ति Part 2 | स्वर्ग के देवता कैलाश पहुँचे Read More »

पद्म महापुराण उत्तरखण्ड अध्याय 3 Part 1 का दृश्य जिसमें नारद मुनि युधिष्ठिर को वन में दिव्य ज्ञान देते हुए दिखाई दे रहे हैं

पद्म महापुराण उत्तरखण्ड – अध्याय-3 Part-1

      पद्म महापुराण उत्तरखण्ड – अध्याय-3 Part-1 भाग 1: नारद और युधिष्ठिर का संवाद (श्लोक 1–11) 🌸 जब धर्मराज युधिष्ठिर अपने वनवास के कठिन समय में, दुःख की गहराइयों में डूबे थे — तब एक ज्योतिर्मय क्षण आया। नारद मुनि, ज्ञान और श्रद्धा के प्रतीक, उनके समक्ष उपस्थित हुए। वही क्षण बन गया

पद्म महापुराण उत्तरखण्ड – अध्याय-3 Part-1 Read More »

सत्संगति की महिमा पर तुलसीदासजी की वाणी - श्रीरामचरितमानस बालकाण्ड में गोस्वामी तुलसीदासजी संतों के साथ बैठकर सत्संग की महिमा का उपदेश देते हुए, पृष्ठभूमि में श्रीराम दरबार का दिव्य दृश्य

सत्संगति की महिमा पर तुलसीदासजी की वाणी

      🌺सत्संगति की महिमा पर तुलसीदासजी की वाणी श्रीरामचरितमानस – बालकाण्ड श्रीरामचरितमानस के बालकाण्ड में गोस्वामी तुलसीदासजी ने केवल रामकथा ही नहीं सुनाई, बल्कि उससे पहले मनुष्य को उस ज्ञान और भक्ति के रस को ग्रहण करने योग्य सत्संगति की महिमा की विधि भी बताई है। सत्संगति की महिमा पर तुलसीदासजी की वाणी

सत्संगति की महिमा पर तुलसीदासजी की वाणी Read More »