ब्रह्मांड के मध्य कमलासन पर विराजमान चतुर्भुज सृष्टिकर्ता भगवान ब्रह्मा, चारों ओर ग्रह, नक्षत्र और दिव्य प्रकाश के साथ सृष्टि रचना का दिव्य दृश्य

भूत-भव्य-भवत-प्रभुः – काल और सृष्टि के स्वामी भगवान विष्णु

भूत-भव्य-भवत-प्रभुः – काल और सृष्टि के स्वामी भगवान विष्णु भूत-भव्य-भवत-प्रभुः – काल और सृष्टि के स्वामी भगवान विष्णु “हे प्रभु! आप ही मेरे अतीत, वर्तमान और भविष्य के स्वामी हैं। मैं आपको ही समर्पित हूँ। मेरी जीवन यात्रा आपकी इच्छा से ही संचालित हो।” एक साधक ध्यान में बैठा है। वह देखता है – उसका […]

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वैदिक यज्ञ करते हुए ऋषि और ब्राह्मण, अग्निकुंड के चारों ओर बैठे साधक, मंत्रोच्चारण और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा दिव्य दृश्य

वषट्कारः – यज्ञों में प्रत्यक्ष होने वाले भगवान विष्णु का गहन रहस्य

वषट्कारः – यज्ञों में प्रत्यक्ष होने वाले भगवान विष्णु का गहन रहस्य वषट्कारः – यज्ञों में प्रत्यक्ष होने वाले भगवान विष्णु का गहन रहस्य “हे विष्णु! आप ही यज्ञ हैं, आप ही मंत्र हैं, आप ही अग्नि हैं और आप ही आहुति हैं। मेरे हर कर्म को यज्ञ बना दीजिए, ताकि मेरा जीवन भी आपकी

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विष्णुः – जो सर्वत्र व्यापी हैं | Vishnu Sahasranama का दिव्य रहस्य

विष्णुः – जो सर्वत्र व्यापी हैं | Vishnu Sahasranama का दिव्य रहस्य विष्णुः – जो सर्वत्र व्यापी हैं | Vishnu Sahasranama का दिव्य रहस्य प्रार्थना (Narration opener): “हे प्रभु! आप सबमें व्याप्त हैं।मेरी दृष्टि में कहीं भेदभाव न रहे।मुझे सबमें आपका स्वरूप देखने की शक्ति दीजिए।” आप मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति के सामने

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माँ आद्या शक्ति दुर्गा का दिव्य तांत्रिक स्वरूप, ऋषि-मुनियों के बीच यज्ञ अग्नि के समीप विराजमान देवी, मंत्र, तपस्या और ब्रह्मांडीय चेतना से युक्त आध्यात्मिक दृश्य

दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् (श्लोक 121-136)

दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् | देवी दुर्गा 1000 नाम स्तोत्रम् 🙏 दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् (श्लोक 121-136) 🙏 देवी दुर्गा के हजार नामों में अंतिम 16 श्लोक एवं उनके हिन्दी अर्थ श्लोक 121 प्राकारवलया वेला मर्यादा च महोदधिः।पोषिणी शोषिणी शक्तिर्दीर्घकेशी सुलोमशा॥121॥ हिन्दी अर्थ: वे प्राकार (किले की दीवार), समय की मर्यादा और समुद्र के समान हैं। वे

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अग्निमय दिव्य प्रकाश में सिंह पर विराजमान माँ दुर्गा, अनेक भुजाओं में शस्त्र धारण किए हुए, दुर्गा सहस्रनाम (श्लोक 101–120) के पावन भाव के साथ।

दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् (श्लोक 101-120)

दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् | देवी दुर्गा 1000 नाम स्तोत्रम् 🙏 दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् (श्लोक 101-120) 🙏 देवी दुर्गा के हजार नामों में से अगला 20 श्लोक एवं उनके हिन्दी अर्थ श्लोक 101 सत्वरा मन्दरा गतिर्मन्दा मन्दिरा मोददायिनी।मानभूमिः पानपात्रा पानदानकरोद्यता॥101॥ हिन्दी अर्थ: वे शीघ्रगामिनी (सत्वरा) हैं, मन्दगामिनी भी हैं। उनकी गति मन्द (शांत) है। वे मंदिरों

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देवी दुर्गा सिंह पर विराजमान, दिव्य आभा और अग्नि पृष्ठभूमि के साथ, हाथों में शस्त्र धारण किए माँ दुर्गा का शक्तिशाली रूप — दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्र श्लोक 81–100 हिन्दी अर्थ सहित।

दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् (श्लोक 81-100)

दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् | देवी दुर्गा 1000 नाम स्तोत्रम् 🙏 दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् (श्लोक 81-100) 🙏 देवी दुर्गा के हजार नामों में से अगला 20 श्लोक एवं उनके हिन्दी अर्थ श्लोक 81 सौदामिनी सुदामा सुदामा च सुधामा धामशालिनी।सौभाग्यदायिनी द्यौश्च सुभगा द्युतिवर्धिनी॥81॥ हिन्दी अर्थ: वे सौदामिनी (बिजली) हैं, सुदामा हैं और सुधामा हैं। वे धामशालिनी हैं।

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“सिंह पर विराजमान माँ दुर्गा का दिव्य स्वरूप – दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् श्लोक 61–80 हिन्दी अर्थ सहित”

दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् (श्लोक 61-80)

दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् | देवी दुर्गा 1000 नाम स्तोत्रम् 🙏 दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् (श्लोक 61-80) 🙏 देवी दुर्गा के हजार नामों में से अगला 20 श्लोक एवं उनके हिन्दी अर्थ श्लोक 61 सुरारिघातिनी कृत्या पूतना च तिलोत्तमा।लज्जा रसवती नन्दा भवानी पापनाशिनी॥ देवी सुरों के शत्रुओं का वध करती हैं। वे कृत्या (मंत्रशक्ति), पूतना (दुष्ट नाशिनी),

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सिंह पर विराजमान देवी दुर्गा का दिव्य स्वरूप, हाथों में शस्त्र धारण किए माँ आद्या शक्ति — दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् श्लोक 41–60 हिन्दी अर्थ सहित।

दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् (श्लोक 41-60)

दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् | देवी दुर्गा 1000 नाम स्तोत्रम् 🙏 दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् (श्लोक 41-60) 🙏 देवी दुर्गा के हजार नामों में से अगला 20 श्लोक एवं उनके हिन्दी अर्थ श्लोक 41 सिद्धिदा बुद्धिदा नित्या सत्यमार्गप्रबोधिनी।कम्बुग्रीवावसुमती छत्रच्छाया कृतालया॥41॥ हिन्दी अर्थ: वे सिद्धिदात्री, बुद्धिदात्री, नित्य स्वरूपा और सत्य मार्ग का बोध कराने वाली हैं। वे कम्बुग्रीवा

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दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् (श्लोक 21-40)

दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् | देवी दुर्गा 1000 नाम स्तोत्रम् 🙏 दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् (श्लोक 21-40) 🙏 देवी दुर्गा के हजार नामों में से अगला 20 श्लोक एवं उनके हिन्दी अर्थ श्लोक 21 ऐन्द्री माहेश्वरी ब्राह्मी कौमारी कमलासना।इच्छा भगवती शक्तिः कामधेनुः कृपावती॥21॥ हिन्दी अर्थ: देवी इन्द्राणी (ऐन्द्री), माहेश्वरी, ब्राह्मी, कौमारी और कमल पर विराजमान हैं। वे

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माँ दुर्गा सिंह पर विराजमान, अनेक आयुध धारण किए हुए, स्वर्ण आभा से प्रकाशित स्वरूप में — दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्र के प्रथम 20 श्लोकों का भावपूर्ण चित्रण।

दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् (श्लोक 1–20)

दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् | देवी दुर्गा 1000 नाम स्तोत्रम् 🙏 दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्रम् (श्लोक 1–20) 🙏 देवी दुर्गा के हजार नामों में से प्रथम 20 श्लोक एवं उनके हिन्दी अर्थ श्लोक 1 ॐ महाविद्या जगन्माता महालक्ष्मीः शिवप्रिया।विष्णुमाया शुभा शान्ता सिद्धासिद्धसरस्वती॥1॥ हिन्दी अर्थ: देवी महाविद्या, जगन्माता, महालक्ष्मी और शिवप्रिया हैं। वे विष्णुमाया, शुभा, शान्ता तथा सिद्ध–असिद्ध

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