श्रीराम के लिए दिव्य आसन, पूजन, विनियोग मंत्र, आचमन एवं प्राणायाम मंत्र के साथ उनकी पूजा कर रहा है।

श्रीराम के लिए दिव्य आसन, पूजन, विनियोग मंत्र, आचमन एवं प्राणायाम

श्रीराम के लिए दिव्य आसन, पूजन, विनियोग मंत्र, आचमन एवं प्राणायाम 🪔 भाग 3: आवाहन समापन एवं पूजन आरंभ (श्लोक 11–करन्यास)  श्लोक 11: श्रीराम के लिए दिव्य आसन अर्पण इत्यावाहनम्सुवर्णरचितं राम दिव्यास्तरणशोभितम्।आसनं हि मया दत्तं गृहाण मणिचित्रितम् ॥११॥ हिंदी अर्थ: हे श्रीराम! मैंने जो स्वर्ण निर्मित, दिव्य वस्त्रों और मणियों से अलंकृत यह सुंदर आसन

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वंदना पदावली - बालकाण्ड प्रारंभ: भगवान श्रीराम सिंहासन पर विराजमान, उनके साथ भगवान गणेश, देवी सरस्वती, भगवान शिव और गुरु का दिव्य स्वरूप – श्रीरामचरितमानस पारायण की प्रारंभिक पंचवंदना का पवित्र दृश्य

वंदना पदावली – बालकाण्ड प्रारंभ

वंदना पदावली – बालकाण्ड प्रारंभ श्रीरामचरितमानस बालकाण्ड के इन पंचवंदना पदों में तुलसीदासजी ने श्रीगणेश, सरस्वती, गुरु, शिव और श्रीराम — इन पाँच दिव्य रूपों की वंदना की है। यह वंदनाएँ केवल औपचारिक नहीं, बल्कि आत्मा के गहन भावों और काव्यशक्ति की प्रेरणा से ओतप्रोत हैं। 🌺 1. गणेश वंदना जो सुमिरत सिधि होइ गन

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गोस्वामी तुलसीदास जी श्रीरामचरितमानस की रचना करते हुए, साथ में भगवान गणेश, श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और भक्त हनुमान के दिव्य स्वरूप

श्रीरामचरितमानस पारायण – प्रारंभिक आवाहन मंत्र

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