श्रीराम के लिए दिव्य आसन, पूजन, विनियोग मंत्र, आचमन एवं प्राणायाम
श्रीराम के लिए दिव्य आसन, पूजन, विनियोग मंत्र, आचमन एवं प्राणायाम 🪔 भाग 3: आवाहन समापन एवं पूजन आरंभ (श्लोक 11–करन्यास) श्लोक 11: श्रीराम के लिए दिव्य आसन अर्पण इत्यावाहनम्सुवर्णरचितं राम दिव्यास्तरणशोभितम्।आसनं हि मया दत्तं गृहाण मणिचित्रितम् ॥११॥ हिंदी अर्थ: हे श्रीराम! मैंने जो स्वर्ण निर्मित, दिव्य वस्त्रों और मणियों से अलंकृत यह सुंदर आसन
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